Mumbai: पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन सदैव ही पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की हर सम्भव सहायता करता रहा है। रेलवे के फ्रंटलाइन कर्मयोद्धाओं की सहायता एवं प्रोत्साहन का यह क्रम कोविड-19 महामारी के संकट के समय में भी जारी रहा है। हाल ही में, पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल द्वारा पश्चिम रेलवे के 15 फ्रंटलाइन कोरोना योद्धाओं की विधवाओं को सहायता एवं समर्थन के प्रतीक के रूप में ‘सम्वेदना राशि’ का वितरण किया गया।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल ने पश्चिम रेलवे के 15 फ्रंटलाइन कर्मियों की विधवाओं में से प्रत्येक को 5000/- रुपए की सम्वेदना राशि प्रदान की। यह बड़ा ही दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि इन कर्मयोद्धाओं ने कोविड महामारी के दौरान कर्मठता से कार्य करते हुए अपने कर्त्तव्य से परे जाकर अपनी जान की बाज़ी लगा दी। ये कर्मचारी विविध क्षेत्रों से थे, जिनमें टिकट जाॅंच, टिकट बुकिंग, लोको पायलट, गार्ड, फिटर, टेक्नीशियन, ट्रैकमैन आदि मुख्य रूप से शामिल थे। श्रीमती कंसल के नेतृत्व में पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन ने यह सुनिश्चित किया कि ड्यूटी के प्रति समर्पण एवं कर्मठता का भाव रखने वाले रेल कर्मियों की सहायता के लिए यह संगठन सदैव तत्पर रहेगा। पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन ऐसे कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित कर्मियों को सलाम करता है। संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल एवं कार्यकारी समिति की सदस्याओं ने रेल कर्मियों को सशक्त बनने एवं आपदापूर्ण स्थितियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास से परिपूर्ण बनने हेतु प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में श्रीमती तनुजा कंसल ने कहा कि कोविड महामारी का समय हो या प्राकृतिक आपदा अथवा गम्भीर बीमारी का अवसर, पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के साथ हमेशा सहानुभूति रखता है और हर कठिन एवं प्रतिकूल समय में उन तक पहुॅंचकर मदद पहुॅंचाने के लिए तैयार रहता है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान हमारे कोरोना योद्धाओं ने अपने जीवन की परवाह किये बिना अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ निभाई है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी ड्यूटी निभाते समय उनमें से कुछ कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए और उन्हें अपनी जान गॅंवानी पड़ी। खोई हुई ज़िंदगी की भरपाई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन और इसके सदस्य ऐसे बहादुर कर्मचारियों को सलाम करते हैं और उनके शोक संतप्त परिवारों के साथ हमेशा खड़े हैं। श्रीमती कंसल ने कहा कि इन कर्मचारियों की पत्नियों ने हमेशा धैर्य और दृढ़ता के साथ अपने पतियों का साथ दिया है और आज भी उसी साहस और शक्ति के साथ वे अपने परिवारों की देखभाल की ज़िम्मेदारी उठा रही हैं।
श्री ठाकुर ने बताया कि पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन द्वारा इन 15 कोरोना योद्धाओं की विधवाओं में से प्रत्येक को 5000 रु. आर्थिक सहायता के रूप में वितरित किये गये हैं। इनमें श्रीमती सुजाता, पत्नी / श्री अरुण तेम्बुलकर, एमसीएफ – लोअर परेल; श्रीमती जानकी, पत्नी / श्री रामवध शास्त्री, मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक – वसई रोड; श्रीमती जशूबेन, पत्नी / श्री जितेंद्र गामित, मुख्य टिकट निरीक्षक – अहमदाबाद; श्रीमती मीरा देवी, पत्नी / श्री दुर्गालाल मीणा, मेल गार्ड – सूरत; श्रीमती देवंती, पत्नी / श्री कपिल देव भगत, फिटर – बोरीवली; श्रीमती नमिता, पत्नी / श्री नितिन घरत, तकनीशियन – लोअर परेल; श्रीमती सुषमा, पत्नी / श्री राजेश मिश्रा, ई एल एफ – कांदिवली; श्रीमती रूमा, पत्नी / श्री गणेशचंद्र मुजकुरी, लोको पायलट (मेल) – बांद्रा टर्मिनस; श्रीमती निर्मला, पत्नी / श्री विजय बोटे, टी सी एम – मुंबई सेंट्रल; श्रीमती सुनीता, पत्नी / श्री सुनील खंदारे, मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक – सांताक्रुज; श्रीमती लीना, पत्नी / श्री विंसेंट फर्नांडिस, हेड कांस्टेबल – कांकरिया; श्रीमती चंद्रिका, पत्नी / श्री तुलसीभाई वाघेला, एचकेए – चिराई; श्रीमती गायत्री देवी, पत्नी / श्री नरेंद्र गोसाई, तकनीशियन – डीज़ल शेड साबरमती; श्रीमती देवेंद्रम्मा, पत्नी / श्री नागप्पा अगासुर, ट्रैकमैन – बोरीवली और श्रीमती प्रभा, पत्नी / श्री आर एस शर्मा, उप मुख्य टिकट निरीक्षक (राजधानी एक्सप्रेस) शामिल हैं। पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन ने भविष्य में भी पश्चिम रेलवे बिरादरी को हमेशा अपना पूर्ण समर्थन और सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here