नई दिल्ली। कोरोनावायरस का कहर पूरी दुनिया में जारी है। पूरी दुनिया इस बात का इंतजार कर रही है कि इस महामारी से निजात पाने के लिए टीका कितनी जल्दी उपलब्ध होगा। ऐसे में अच्छी खबर ये है कि दुनियाभर में 100 से ज्यादा कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है। भारत में भी इसकी तीन वैक्सीन पर काम जारी है। कोरोना की देसी वैक्सीन को लेकर भी अच्छी खबर है कि इसको लेकर भी देशभर के लोग आशावान हैं साथ ही वैज्ञानिकों और दुनिया को भी भारत की वैक्सीन से काफी उम्मीद है। इस सबे के बीच लोगों को इस बात की चिंता है कि अगर वैक्सीन आ भी गई तो इसकी सफलता को कैसे प्रमाणित किया जाएगा। इसको लेकर लोगों के मन में एक किस्म का भय भी है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि अगर लोगों में कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर विश्वास की कमी है तो वह सबसे पहले खुद इसे लगवाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) आने के बाद प्राथमिकता के हिसाब से पहले किसे ये वैक्सीन दी जाएगी। हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड वैक्सीन को लेकर आपातकालीन प्राधिकरण की जल्द ही सहमति बन सकती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि कोविड-19 वैक्सीन प्राथमिकता के आधार पर मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मी, वरिष्ठ नागरिकों, अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों को दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि लोगों के मन में कोविड वैक्सीन को लेकर कोई भ्रम की स्थिति है तो वह खुद सबसे पहले इस वैक्सीन को लगवाएंगे। बता दें देश में तीन वैक्सीन उम्मीदवार क्लिनिकल ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं। इसमें से दो भारत के हैं जबकि तीसरा टीका ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का है। हाल ही में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगाई गई थी जिसे आज फिर से शुरू कर दिया गया है।

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