भारत किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार – रक्षा मंत्री

National News
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •   
  •   
  •  
  •  

हैदराबाद । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत अपनी सीमाओं पर किसी भी तरह के बदलाव, आक्रामकता या एकतरफा कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वह भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के विभिन्न उड़ान कैडेटों की पासिंग आउट परेड में बोल रहे थे, जिन्होंने डिंडीगुल में वायुसेना अकादमी में अपना प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण पूरा किया। सिंह ने कहा, “आप उत्तरी क्षेत्र में हालिया भारत-चीन गतिरोध से परिचित हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान चीन के रवैये ने उसके इरादों को जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने यह प्रदर्शित किया है कि वह कमजोर नहीं है। सिंह ने पश्चिमी क्षेत्र के बारे में भी बात की और कहा कि हमारा पड़ोसी सीमा पर कुछ नापाक हरकतें करता रहता है। सिंह ने कहा कि पाकिस्तान सीमाओं पर छिटपुट संघर्षो को अंजाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि चार युद्धों में भारत से पराजित होने के बावजूद पड़ोसी देश आतंकवाद के जरिए छद्म युद्ध छेड़ रहा है, लेकिन सैन्य बल और पुलिस आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं। पाकिस्तान की तरफ बालाकोट में आतंकवादियों के शिविरों पर भारत के हवाई हमलों का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत न केवल देश के भीतर आतंकवाद से प्रभावी ढंग से मुकाबला कर रहा है, बल्कि सीमाओं के बाहर जाकर भी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया को भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत इरादों को दर्शाता है। रक्षा मंत्री ने कहा, “1961 के ‘गोवा मुक्ति संग्राम’ से लेकर 1965 के ‘भारत-पाक युद्ध’, 1971 के ‘बांग्लादेश मुक्ति संग्राम’ और 1984 के ‘ऑपरेशन मेघदूत’, 1999 में ऑपरेशन ‘श्वेत सागर’ और हाल ही में ‘बालाकोट’ के कुछ ऐसे अध्याय हैं, जो न केवल वायुसेना के, बल्कि हमारे देश के इतिहास के ‘गोल्डन चैप्टर्स’ हैं।
इस बीच, उन्होंने कैडेटों से सभी प्रौद्योगिकियों और सैन्य रणनीतियों से जुड़े ज्ञान से अपडेट रहने की अपील भी की।
संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) के दौरान सिंह ने कहा, “मैं आपको इतिहास से सीखने, वर्तमान जानने और भविष्य की तैयारी करने का सुझाव देता हूं।


Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •   
  •   
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *