UNN@ मां लक्ष्मी को शास्त्रों में चंचल कहा गया है। लक्ष्मी को रोके रखना बहुत बडी चुनौती है। मां लक्ष्मी को घर में चिर काल तक रखना मुश्किल जरूर है लेकिन मुश्किल नहीं। चंद उपायों के जरिए पैसों की समस्या और आर्थिक तंगाई से मुक्ति पाई जा सकती है। घर में भले ही कोई भी रंग करवा लें लेकिन भूलकर भी कभी किचन में नीला रंग नहीं करवाएं। ऐसा करने से घर के सदस्यों पर बुरा असर पड़ता है और कर्जा बढने लगता है। जातक बुधवार को स्नान करके पूजा के बाद व्यक्ति सर्वप्रथम गाय को हरा चारा खिलाये उसके बाद ही खुद कुछ ग्रहण करें तो उसे शीघ्र ही कर्जे से छुटकारा मिल जाता है।
रोजाना चींटी जीमाने से कर्जा से छुटकारा जल्दी मिल जाता है। अगर आप रोज नियम से चींटी जिमाते है तो आपका कर्जा माफ़ हो सकता है। कभी भी भूलकर मंगलवार को कर्ज न लें किसी से भी एवं लिए हुए कर्ज की प्रथम किश्त मंगलवार से देना शुरू करें। इससे कर्ज शीघ्र उतर जाता है। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए लाल मसूर की दाल का दान दें। घर में हमेशा बड़े आकार का शीशा लगाएं, ध्यान रखें कि उसका रंग लाल हो तो ज्यामदा अच्छा है, सिन्दूरी या मैरून ना। यह मन्त्र जो आपका कर्ज चुकाने में सहायक होंगे – ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्| कर्ज से मुक्ति के लिए पांच गुलाब के फूल व एक सफेद कपड़ा लें। नहा-धोकर पूरब की तरफ मुंह करके बैठ जाएं। कपड़ा सामने बिछा लें। एक फूल उठाएं और गायत्री मंत्र पढ़कर उस फूल को कपड़े पर रख दें। यही क्रम सभी पांच फूलों के साथ करें। इसके बाद कपड़े में फूलों को बांधकर पोटली बना लें और गंगाजी या किसी नदी में जाकर इस भाव के साथ विसिर्जत कर दें कि इसी के साथ मेरा कर्ज भी बह गया। ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नम:। यह मंत्र ऋणमोचन मंत्रों में से एक है। किसी भी माह के शुक्लु पक्ष के प्रथम मंगलवार को इस मंत्र के साथ शिवलिंग पर क्रमश: दूध, जल व मसूर की दाल अर्पित करें।
गुरुवार को तुलसी जी को गाय का दूध चढ़ाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है और जिस घर में लक्ष्मी का वास हो उसे कर्ज़ लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती। हर माह की कृष्णी पक्ष चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है। यदि आर्थिक परेशानियों में हैं तो प्रत्येलक शिवरात्रि के दिन शाम को शिव मंदिर में “ओम नम: शिवाय” का जप व दीपदान करें। रात को 12 बजे पुन: एक बार जप व हनुमान चालीसा का पाठ करें। तथा महाशिवरात्रि के दिन निर्जल व्रत रहें।
आर्थिक कष्ट दूर होंगे और कर्ज से मुक्ति मिलेगी। यदि त्रयोदशी के दिन मंगलवार पड़े तो उस दिन नमक-मिर्च से परहेज करें तथा ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करें। इस दिन शाम को भगवान शिव की पूजा व इस मंत्र – ” मृत्युंजयमहादेव त्राहिमां शरणागतम्। जन्ममृत्युजराव्याधिपीड़ितः कर्मबन्धनः।।” का जप करने से ऋण से शीघ्र मुक्ति मिलती है।

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