नई दिल्ली। सीमा विवाद के बीच भारत ने चीन पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। दरअसल सेना के सूत्रों के हवाले से खबर है कि अरुणाचल प्रदेश से लापता 5 युवकों को चीन शनिवार यानी 12 सितंबर को भारत को सौंपेगा। केंद्रीय युवा मामलों एवं खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरण रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि चीन शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के पांच युवकों को भारत सरकार को सौंप देगा। किरण रिजिजू ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना से इस बात की पुष्टि की है कि वह अरुणाचल प्रदेश के युवकों को हमें सौंप देंगे। उन्हें कल 12 सितंबर को किसी भी समय एक निर्दिष्ट स्थान पर सौंपा जा सकता है।
यह घटना तब सामने आई थी जब एक समूह के दो सदस्य जंगल में शिकार के लिए गए थे। लौटने पर उन्होंने उक्त पांच युवकों के परिवार वालों को जानकारी दी थी कि युवकों को सेना के गश्ती क्षेत्र सेरा-7 से चीनी सैनिक ले गए हैं। यह स्थान नाचो से 12 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। मैकमोहन रेखा पर स्थित नाचो अंतिम प्रशासनिक क्षेत्र है और यह दापोरीजो जिला मुख्यालय से 120 किलोमीटर दूर है। चीनी सेना द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए युवकों की पहचान तोच सिंगकम, प्रसात रिंगलिंग, डोंगतु एबिया, तनु बाकर और नगरु दिरी के रूप में की गई है।
वहीं चीन के तेवर तब नरम पड़े जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और शीर्ष सैन्य अधकारियों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के बीच हुए पांच सूत्री समझौते पर चर्चा की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल कर्मबीर सिंह तथा अन्य अधिकारी शामिल थे।

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