नई दिल्ली: मिशन रफ़्तार के तहत भारतीय रेलवे ट्रेन की गति बढ़ाने के लिए डिब्बों के साथ-साथ अपने तेज गति से चलने वाली रेल इंजन यानी लोकोमोटिव भी तैयात कर रहा है। इसी कड़ी में चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स के द्वारा तैयार की गई है। वैप 7 सीरीज की नई इंजन WAP 7 HD ऐसा इंजन है जो 180 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकता है। वही पूरी ट्रेन के डिब्बों के साथ 160 किलोमीटर प्रति घंटे के स्पीड से लेकर जा सकती है। मौजूदा समय में यह रफ्तार अधिकतम 140 किलोमीटर प्रति घंटे की होती है।इस साल मार्च में तैयार इस इंजन का ट्रायल सोमवार को रेलवे के कोटा डिविज़न में किया गया है। यह पूरी तरह से मेक इन इंडिया के मॉडल पर तैयार इंजन है, जिसका डिज़ाइन और डेवलपमेंट सबकुछ चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने किया है। इंजन की रफ़्तार को बढ़ाने के लिए इंजीनियरों ने इसका वजन 14 टन तक कम किया है। साथ ही इसके गियर में भी बदलाव किए गए हैं।
रेलवे इस तरह के इंजन का इस्तेमाल राजधानी शताब्दी जैसी ट्रेनों में करेगा। भारतीय रेल दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से कोलकाता के बीच ट्रेनों को 160 किलोमीटर की रफ्तार से चलाने पर तेज़ी से काम कर रहा है। रेलवे को इसके लिए केंद्र सरकार ने करीब 13,000 करोड़ भी मंजूर किये हैं। ज़ाहिर है ऐसे में मेक इन इंडिया इंजन रेलवे सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने में मदद देने वाला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here