नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में ट्रैफिक जुर्माने में की गई भारी का बुधवार को बचाव किया और इसे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को रोकने का एक कारगर उपाय बताया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के अनुसार, भारी जुर्माना राजस्व वृद्धि के बजाय जिंदगियां बचाने के लिए लगाया गया है।नितिन गडकरी ने कहा कि राज्य अपने अधिकार क्षेत्र में जुर्माने को कम करने का फैसला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र का मकसद सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाना है। गडकरी ने साथ ही जोड़ा कि अगर लोग नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें जुर्माना भरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जुर्माना 30 साल के बाद बढ़ाया गया है।
गुजरात सरकार ने जुर्माने को 90% तक कम करने का ऐलान किया है। कुछ अन्य सरकारें भी भविष्य में ऐसा ऐलान कर सकती हैं। गडकरी ने इस पर कहा, भारत में हर साल सड़क दुर्घटना में 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों की मौत होती है। उसमें से 65% लोगों की आयु 18 से 35 साल के बीच होती है। हर साल 2 से 3 लाख लोग सड़क दुर्घटना के कारण दिव्यांग हो रहे हैं। हम युवाओं के जान की कीमत समझते हैं। इसलिए हम कड़ा यातायात नियम लेकर आए।
मैं सिर्फ अपील कर सकता हूं : नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकारों द्वारा जुर्माने की रकम माफ करने के फैसले पर कहा, मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है। जो भी राजस्व आएगा वह राज्य सरकारों के पास ही जाएगा। मैं बतौर मंत्री सिर्फ अपील ही कर सकता हूं कि यह जुर्माना राजस्व के लिए नहीं है।

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