थिम्पू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान में रविवार को रॉयल यूनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज रविवार के दिन आप लोगों को लेक्चर अटेंड करना पड़ रहा है, इसलिए मैं अपनी बात संक्षेप में रखूंगा। इसके बाद समारोह स्थल का माहौल हंसी से गूंज उठा। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में दोनों देशों के रिश्ते पर बात करते हुए कहा कि भारत और भूटान न सिर्फ भौगोलिक रूप से, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

पीएम ने भूटान और भूटानियों को जमकर सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भूटान और वहां के निवासियों की जमकर तारीफ की। पीएम ने कहा, ‘भूटान आने वाला कोई भी व्यक्ति अपनी प्राकृतिक सुंदरता से उतना ही प्रभावित होता है जितना कि उसके लोगों की गर्मजोशी और सादगी से।’ उन्होंने कहा कि भारत वह भूमि है जहां राजकुमार सिद्धार्थ गौतम बुद्ध बने और जहां से बौध धर्म का प्रकाश दुनिया में फैला, भूटान में बौद्ध संतों और बौद्ध भिक्षुओं की पीढ़ियों ने इस मशाल को भूटान में और अधिक प्रकाशित किया।

‘सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम्स में से एक है भारत’
भारत में मौजूद आर्थिक संभावनाओं और यहां हुई तरक्की पर बात करते हुए पीएम ने कहा, ‘भारत में आज कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक बदलाव हो रहे हैं, भारत अभूतवर्ग गति से गरीबी मिटा रहा है, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति दोगुनी हो गई है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना चल रही है, जिसमें 50 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। भारत सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है, भारत में इनोवेशन का अच्छा समय है।

भूटान के युवाओं पर भी की बात
भूटान की युवा शक्ति पर बात करते हुए पीएम ने कहा, ‘आज मैं भूटान के सबसे प्रतिभावान युवाओं से मिल रहा हूं, आप में से भूटान के भविष्य के नेता, इनोवेटर, बिनसमैन, खिलाड़ी, आर्टिस्ट और साइंटिस्ट निकलेंगे। इस भूमि के बच्चे इस दुनिया की समस्याओं का निदान तलाशेंगे, हमारे पास चुनौतियां हैं, लेकिन हर चुनौती के लिए हमारे पास यंग माइंड्स हैं। सहयोग के परंपरागत क्षेत्रों से आगे जाकर स्कूल से स्पेस, डिजिटल पेमेंट से डिजास्टर मैनेजमेंट तक हमारे बीच सहयोग का आप जैसे युवा दोस्तों पर सीधा असर पड़ेगा।’

‘भूटान आकर सम्मानित हुए भारतीय शिक्षक’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘यह बहुत खुशी की बात है कि युवा भूटानी वैज्ञानिक भारत जाएंगे और भूटान के अपने छोटे सैटेलाइट की डिजाइनिंग और लॉन्चिंग पर काम करेंगे। मैं उम्मीद करता हूं जल्द ही आप में से कई वैज्ञानिक, इंजिनियर्स और इनोवेटर्स होंगे। 20वीं सदी में कई भारतीय नागरिक यहां आकर शिक्षक बने, अधिकतर बुजुर्ग भूटानियों की शिक्षा में कोई भारतीय टीचर जरूर रहा होगा। उन्हें यहां सम्मानित किया गया।’

‘भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरित है एग्जाम वॉरियर्स’
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी किताब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट लिखा, जिसने मेरे दिल को छू लिया, उस पोस्ट में उन्होंने एग्जाम वॉरियर्स के बारे में लिखा, यह किताब मैंने लिखा है कि तनाव के बिना परीक्षा का सामना कैसे करें, हर व्यक्ति स्कूल कॉलेज की परीक्षा और जीवन के क्लास रूम में इसका सामना करता है। एग्जाम वॉरियर्स में मैंने जो लिखा है, वह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरित है।’

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