नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड को आज सबसे बड़ी सौगात दिया है। करीब 19 साल के लंबे इंतजार के बाद झारखंड विधानसभा किराए के मकान से निकलकर अपनी खुद की बिल्डिंग में शिफ्ट हो गई है। ये विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा है जो पूरी तरह से पेपरलेस है। पीएम मोदी ने आज इस विधानसभा भवन का उद्घाटन किया। अलग राज्‍य बनने के करीब 19 साल बाद किराये के विधानसभा भवन से झारखंड को मुक्ति मिली है।

झारखंड विधानसभा की नई बिल्डिंग एक तरफ जहां झारखंड की संस्‍कृति की सतरंगी झलक को संजोए हुए है वहीं दूसरी ओर ये बिल्डिंग बेहद हाईटेक और तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। ये देश की पहली ऐसी विधानसभा है जो पूरी तरह से पेपरलेस है। तमाम कार्यवाही के लिए यहां कंप्यूटर और टैब का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए हरेक विधायक की सीट पर टैब लगाया गया है और किसी भी विधायक को अपनी बात कहने और वोटिंग के लिए पेपर की जरूरत नहीं पड़ेगी।

झारखंड विधानसभा में फिलहाल 81 सदस्य हैं लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए यहां एक सौ बाइस सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है। झारखंड विधानसभा की नई इमारत में जल संचयन और ऊर्जा संरक्षण की मुकम्‍मल व्‍यवस्‍था की गई है। इस इमारत में सौर ऊर्जा से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। यहां विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए छोटी से छोटी बातों का ध्यान रखा गया है। खास बात ये है कि इमारत की डिजायन में झारंखड की आत्मा जल-जंगल और जमीन का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

आज सुबह 10 बजे के बाद प्रधानमंत्री मोदी रांची पहुंचे और सबसे पहले झारखंड के लोगों को अपनी नई विधानसभा का गिफ्ट दिया। झारखंड विधानसभा की ये हाइटेक इमारत कई और मायनों में खास है। यह विधानसभा भवन रांची के धुर्वा में 39 एकड़ में बना है। 3 मंजिला भवन 465 करोड़ की लागत से बनी है जो 57,220 वर्ग मीटर में बना है। देश का ये सबसे ऊंचा गुंबद वाला विधानसभा भवन है। इसकी गुंबद की ऊंचाई करीब 39.5 मीटर है।

12 जून 2015 को इस इमारत का शिलान्यास किया गया था जिसके बाद रिकॉर्ड टाइम में विधानसभा भवन की नई इमारत को तैयार कर लिया गया। इसके अलावा पीएम मोदी ने रांची में प्रभाततारा मैदान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, खुदरा व्यापारिक एवं स्वरोजगार पेंशन योजना और एकलव्य मॉडल विद्यालय का शुभारंभ किया।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने साहेबगंज में मल्टीमॉडल बंदरगाह का उद्घाटन किया। उन्होंने 1238 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले झारखंड सचिवालय के नये भवन का भी शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने ही अप्रैल 2017 में साहेबगंज मल्टी-मॉडल टर्मिनल की आधारशिला रखी थी, जिसका निर्माण लगभग दो साल की रिकॉर्ड अवधि में 290 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है।

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