नई दिल्ली। कुछ दिन पहले पतंजलि योगपीठ की दिव्य फार्मेसी ने कोरोनिल लॉन्च करते हुए दावा किया था कि, इसे कोरोना की दवा करार दिया था। जिसके बाद से उत्तराखंड के आयुष विभाग ने पतंजलि को नोटिस जारी करते हुए इसका प्रचार बंद करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा पतंजलि को सात दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा था।
इस नोटिस के जवाब में पतंजलि आयुर्वेद ने अब पलटी मार ली है। बता दें कि नोटिस के जवाब में सोमवार को पतंजलि ने ऐसी कोई दवा न बनाने की बात कही है। वहीं पिछले मंगलवार को कोरोनिल की लॉन्चिंग के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोरोनिल, श्वसारि बटी और अनु तेल से कोरोना के उपचार का दावा किया था। इस पर 24 जून को उत्तराखंड आयुष विभाग ने पतंजलि को नोटिस जारी किया था।
23 मार्च को किया था दावा
बता दें कि पतंजलि की दिव्य फार्मेसी ने मंगलवार 23 जून को कोरोना की दवा ईजाद करने का दावा किया था। मामला सुर्खियों में आया तो केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इसका संज्ञान लिया। मंत्रालय ने दिव्य फार्मेसी को नोटिस भेजकर तत्काल दवा के प्रचार-प्रसार पर रोक लगा दी। 24 जून को उत्तराखंड आयुष विभाग ने भी दिव्य फार्मेसी को नोटिस भेजकर दवा के प्रचार प्रसार पर रोक लगा दी। साथ ही सात दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा था।
‘ऑर्डर मी’ ऐप की लॉन्चिंग स्थगित
इससे पहले पतंजलि की ओर से ऐलान किया गया था कि ‘ऑर्डर मी’ ऐप की लॉन्चिंग सोमवार को की जाएगी लेकिन अब इसकी लॉन्चिंग भी स्थगित कर दी गई है। बता दें कि इस ऐप को लेकर दावा किया गया था कि इसके जरिये कोई भी ग्राहक देश में कहीं से भी दवा के लिए ऑर्डर बुक कर सकता है। तीन दिन के भीतर दवा की डिलीवरी कर दी जाएगी। पतंजलि योगपीठ के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि अभी ऐप का ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल पूरा होने पर ऐप की विधिवत लॉन्चिंग की जाएगी। पतंजलि योगपीठ के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने बताया कि अभी ऐप का ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल पूरा होने पर ऐप की विधिवत लॉन्चिंग की जाएगी।

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