पाक विदेश मंत्री शाह महमूद ने कहा, ‘वैसे तो हम उम्माह और इस्लाम की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने वहां पर काफी निवेश कर रखा है और उनके अपने फायदे हैं.

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर को लेकर पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। इसको लेकर पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान पर उनके ही देश में काफी दबाव है। कश्मीर से धारा 370 मोदी सरकार द्वारा हटाई गई तो पाकिस्तान दुनियाभर में मदद मांगने के लिए दौड़ पड़ा। हालांकि उसकी इस गुहार पर इस्लामिक देशों तक ने उसका साथ नहीं दिया।
दरअसल पाकिस्तान चाहता था कि कश्मीर मुद्दे पर दुनियाभर के देशों से उसे मदद मिले और सभी देशों का उसे साथ भी। लेकिन हुआ इसके उलट, अब तक चीन को छोड़ दें तो किसी भी बड़े देश ने पाकिस्तान के समर्थन में आवाज नहीं उठाई है। हालांकि चीन ने भी खुलकर पाक को समर्थन नहीं किया है। इसी बात के डर को लेकर पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जो ताजा बयान दिया है वो उनके डर को को जाहिर करता है।
उन्‍होंने कहा कि जिन मुल्‍कों को वह अपना सहयोगी मानते हैं, जिनमें कई इस्‍लामिक देश भी शामिल हैं, के भारत से अपने हित हैं। वह उन हितों को छोड़कर भारत के खिलाफ जाएंगे यह मुश्किल है। इसके अलावा संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के स्‍थायी सदस्‍यों के भी निजी हित भारत से हैं और उन्‍होंने वहां पर अरबों का निवेश किया हुआ है। ऐसे में वह पाकिस्‍तान का साथ देंगे यह बेहद मुश्किल है।
.कुरैशी का ये भी कहना था कि पाकिस्‍तान के मुकाबले भारत बहुत बड़ी और मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था है। वहां के बाजार पर सभी देशों की निगाह है। यही वजह है कि वहां पर दुनिया के बड़े देशों और इस्‍लामिक देशों ने खरबों डॉलर का निवेश किया हुआ है। जम्‍मू कश्‍मीर के मुद्दे पर कुरैशी का डर कहीं न कहीं इस लिए भी है क्‍योंकि कई देशों ने भारत के कदम की न सिर्फ सराहना की है बल्कि यहां तक कहा है कि यह भारत का अंदरुणी मामला है, इससे किसी भी अन्‍य देश का कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए।

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