नई दिल्ली। कोरोनावायरस के प्रकोप से बने देश में हालात के बीच लागू हुए लॉकडाउन का पांचवा चरण चल रहा है। वैसे कहने को तो इसे अनलॉक-1 भी कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें लोगों को काफी रियायतें भी मिली हुई हैं। इस अनलॉक-1 में राज्य स्तर पर नियम भी बनाए गए हैं। ऐसे में केरल सरकार ने दूसरे राज्यों से केरल आ रहे लोगों के लिए कहा है कि वो सात दिन से अधिक केरल में ना रुकें।
दरअसल अनलॉक-1 में बिजेनस या आधिकारिक वजह से लोग केरल जा रहे हैं, उनको लेकर केरल सरकार ने अब ये गाइडलाइन जारी की है। आपको बता दें कि जो बिजेनस, आधिकारिक, व्यापार, इलाज, कोर्ट केस, संपत्ति की देखरेख और शिक्षा से संबंधित कामों के लिए दूसरे राज्यों से केरल आ रहे हैं, उन्हें 7 दिन से ज्यादा रहने की इजाजत नहीं होगी। ये दिशा-निर्देश सोमवार से लागू हुए हैं।
इसके अलावा पास पाने के लिए व्यक्ति को केरल आने का उद्देश्य, रहने का स्थान, स्थानीय संपर्क नंबर की जानकारी देनी होगी। इसके आधार पर जिला कलेक्टर पास जारी करेंगे। केरल आने वाले व्यक्ति को रेलवे स्टेशन या फिर हवाई अड्डा से सीधा अपने होटल अथवा निवास स्थान जाना पड़ेगा। उन्हें बीच में रुकने की इजाजत नहीं होगी।
राज्य में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए केरल सरकार ने बाहर से आने वालों को लेकर कई उपाय किए हैं। ऐसे व्यक्ति को रजिस्ट्रेशन पेपर में दर्ज शख्स के अलावा किसी और से मिलने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा ऐसे शख्स को बेवजह अस्पताल जाने की इजाजत नहीं होगी, न ही ये व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर जा सकेगा। वहीं केरल में कोरोना की बात करें तो केरल देश के उन राज्यों में है जहां कोरोना का संक्रमण सबसे पहले फैला था। हालांकि केरल सरकार ने कोरोना संक्रमण पर बखूबी नियंत्रण पाया। केरल में कोरोना के चपेट में आने वाले कुल लोगों की संख्या 2461 है।। राज्य में इस वक्त कोरोना एक्टिव केस की संख्या 1340 है। जबकि 1102 लोगों का सफलतापूर्वक इलाज हो चुका है. जबकि इलाज के दौरान 19 लोगों की मौत हो चुकी है।

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