Mumbai : कंगना रनौत, बॉलिवुड में एक ऐसी शख्सियत जिन्हें आप पसंद करें या न करें लेकिन नजरअंदाज हरगिज नहीं कर सकते। ऐक्टिंग पर सवाल नहीं उठा सकते क्योंकि कंगना की झोली में 3 नैशनल अवॉर्ड हैं और बेबाकी ऐसी कि किसी मुद्दे पर कंगना को डर नहीं लगता। पिछली बार राजकुमार राव के साथ सायकॉलजिकल थ्रिलर ‘जजमेंटल है क्या’ में दिखाई दीं कंगना अब एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘पंगा’ से एक बार फिर सिल्वर स्क्रीन पर छा जाने को तैयार हैं। कंगना ने सभी मुद्दों पर खुलकर बात की।
‘पंगा’ के टाइटल ट्रैक ‘मन की जो सुने है वही चंगा, लेले लेले पंगा’ पर कंगना ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरी जिंदगी का भी यह फंडा है। मैं केवल अपने दिल की सुनती हूं कि क्या सही है। मैंने कम उम्र में घर छोड़ दिया था और मुझ पर हुक्म चलाने वाला कोई नहीं रहा। मैंने 17 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था और तभी से में पंगा ले रही हूं। हो सकता है कि मेरी हरकतें बचपने वाली रही हों लेकिन फिर भी मैंने अपने मन के कहे को माना।’कंगना अपने फैसलों की पूरी जिम्मेदारी लेती हैं और घर छोड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा, ‘घर छोड़ना मेरी जिंदगी का एक बड़ा फैसला था। मुझे लगा भी था कि अगर सफल नहीं हुई तो क्या होगा लेकिन फिर मेरे मन ने कहा कि जो भी होगा मैं खुद ही अकेले उससे निपट लूंगी। इसके लिए मेरे पैरंट्स साथ नहीं होंगे तो वापस जाने का कोई मौका ही नहीं था। ऐसा नहीं है कि वापस जाने पर मेरे पैरंट्स मुझसे कुछ कहते लेकिन मुझे अपना 100 पर्सेंट देना था।’

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