UNN@ तीर्थयात्रियों तथा पर्यटकों से गुलजार रहने वाले जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उनकी यह चिंताजनक स्थिति कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के कारण बनी हुई है। लेकिन अब जिस प्रकार सालाना पवित्र अमरनाथ यात्रा को शुरू किए जाने की उम्मीद की जा रही है, उससे यहां के प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटर्स व होटल मालिक सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द अब मां वैष्णों देवी की यात्रा को भी शुरू किया जाए।
गत 19 मार्च को प्रशासन तथा श्रीमाता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड की ओर से मां वैष्णों देवी की यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। उसके बाद 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन का जनता कफ्र्यू और फिर 24 मार्च को लॉकडाउन का ऐलान किया था। जिसके कारण देश के अन्य हिस्सों की तरह जम्मू-कश्मीर के लिए सडक, रेल तथा हवाई मार्ग भी बंद कर दिए गए। तब से आजतक स्थिति ज्यों की त्यों है।
जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों से लेकर पर्यटकों तक की आमद पूरी तरह ठप है। जिसके कारण प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटर्स और होटल उद्योग पर व्यापक बुरा असर पड़ा है। अकेले पर्यटन उद्योग से ही लाखों की तादाद में लोग प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से जुड़े हैं। जिनके सामने अब रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं। समूचे प्रदेश में करीब 45 हजार प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटर्स हैं, जोकि गत करीब 4 माह से कामधंधा न होने की वजह से भुखमरी की कगार पर आ चुके हैं। जम्मू में करीब एक हजार, कटरा में अढ़ाई हजार तथा घाटी में करीब 5 हजार छोटे बड़े होटल्स के अलावा श्रीनगर की डल झील में स्थित बड़ी संख्या में शिकारों में भी वीरानी पसरी हुई है। इस कारोबार में लाखों की तादाद में लोग जुड़े हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here