नई दिल्ली : मोदी 2.0 सरकार ने ऐसे कई फैसले लिए जो ऐतिहासिक रहे। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दौर में ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370, नए मोटर वाहन कानून, आतंक पर वार को यूएपीए एक्ट में संशोधन और नागरिकता कानून जैसे ऐतिहासिक-साहसिक फैसले लिए गए।
बालाकोट एयर स्ट्राइक
आतंक के खिलाफ भारत की महज निंदा करने वाली ‘सॉफ्ट पॉलिसी’ को मोदी सरकार ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तीखी धार दी। पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले के पखवाड़े के भीतर ही भारतीय वायुसेना ने पाक अधिकृत कश्मीर में घुस कर आतंकियों के लांच पैड तबाह कर दिए। इस मसले पर मोदी सरकार से सबूत मांग कर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने मोदी 2.0 सरकार का रास्ता भी साफ कर दिया।
तीन तलाक कानून
26 जुलाई 2019 को संसद ने ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019’ पारित किया, 1 अगस्त से कानूनन जुर्म बन गई यह कुप्रथा। इसके तहत तीन बार ‘तलाक’ बोलकर, लिखकर या एसएमएम-ईमेल भेजकर शादी तोड़ने पर तीन साल तक की जेल का प्रावधान सामने आया।
यूएपीए एक्ट में संशोधन
24 जुलाई 2019 को लोकसभा और दो अगस्त को राज्यसभा में पारित हुआ यूएपीए यानी गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम (संशोधन) विधेयक-2019 ने आतंकवाद के खिलाफ भारत को नई धार दी। हालांकि मोदी 2.0 सरकार में पारित हो सके इस नए कानून को केंद्र ने आतंक के खिलाफ जंग में बड़ा कदम बताया। इस नए यूएपीए कानून आतंकी गतिविधियों में लिप्त या उसे प्रोत्साहित करते मिले किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार देता है। पहले सिर्फ संगठनों को आतंकी घोषित करना संभव था। अब एनआईए महानिदेशक उसकी संपत्ति जब्त कर सकता है।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा
यह भाजपा का बड़ा पुराना मुद्दा था कि एक देश में एक संविधान और एक झंडा ही होना चाहिए। ऐसे में मोदी 2.0 सरकार के अस्तित्व में आते ही राष्‍ट्रपति के आदेश से जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य का विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा लिया गया। अनुच्छेद 370 को हटाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया। मोदी 2.0 सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने का ऐलान भी कर दिया। इसके अनुसार जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन गया।
नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू
देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए मोटर व्हीकल कानून में आमूल-चूल बदलाव किए गए। 1 सितंबर 2019 से नया कानून प्रभावी हो गया। इसमें यातायात नियम तोड़ने पर जुर्माना राशि दस गुना तक बढ़ा दी गई। साथ ही सजा की अवधि में भी वृद्धि कर दी गई। पहली बार नाबालिग के वाहन चलाने पर उसके अभिभावकों को कानून के दायरे में लाने का प्रावधान सामने आया।
सरकारी बैंकों का विलय
30 अगस्त 2019 को मोदी 2.0 सरकार ने दस सरकारी बैंकों के विलय से चार बड़े बैंक बनाने का ऐलान किया। भारतीय बैंकिंग प्रणाली के लिए यह एक बड़ा कदम था। इसके बाद सरकारी बैंकों की संख्या घटकर दर्जन भर रह गई। 2017 में मोदी सरकार ने ही भारतीय स्टेट बैंक में उसके पांच अनुषांगी बैंकों और महिला बैंक का विलय किया था। इस कदम से यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब नेशनल बैंक का विलय हुआ। दूसरी तरफ, केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी विलय किया गया। इसी तरह यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का भी विलय हुआ। इंडिय़न बैंक और इलाहाबाद बैंक भी एक हो गए।
नागरिकता संशोधन कानून
पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में बहुसंख्यकों मुसलमानों के हाथों धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर आए हिंदू, जैन, पारसी, सिख और ईसाई शरणार्थियों के लिए भारतीय नागरिकता का कानून हालांकि अफवाहों और भ्रम के चलते हिंसक विरोध झेल रहा है। फिर भी मोदी 2.0 सरकार ने इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू कर दिया है। इसके साथ ही धार्मिक रूप से प्रताड़ित इन तीन पड़ोसी देशों से आए लोगों को अब इज्जत के साथ भारतीय नागरिकता की पहचान मिलनी शुरू हो गई है।

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