Indore : भारत के सबसे व्यस्त और सबसे बड़े हवाई अड्डे दिल्ली हवाई अड्डे (आईएटीए कोड DEL) ने भारत सरकार के 2016 की राष्ट्रीय हवाई कार्गो नीति के खाके के मुताबिक हाल ही में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर समर्पित ट्रांसशिपमेंट एक्सीलेंस सेंटर (टीईसी) बनाया और शुरू किया है। इसके साथ ही हवाई अड्डे ने हवाई कार्गो आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत छाप छोड़ते हुए दुनिया भर में ट्रांसशिपमेंट कार्गो की आवाजाही का नया दरवाजा खोला है।
मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा दवा (फार्मासयूटिकल) निर्माता राज्य है और इंदौर में राज्य के सबसे बड़े दवा निर्माण केंद्र जैसे पीथमपुर एसईजेड, देवास, मंडीदीप, मालनपुर आदि स्थित हैं। इसीलिए दवाओं एवं अन्य सामान को दिल्ली हवाई अड्डे के जरिये तेजी से वैश्विक बाजार में भेजने का यह अच्छा मौका है।
डेल कार्गो का ट्रांसशिपमेंट सेंटर सुनिश्चित करेगा कि हवाई अड्डे के सुरक्षित रास्ते से पूरी दक्षता के साथ हवाई कार्गो की विभिन्न मार्गों पर सुगम एवं तेज आवाजाही हो। दिल्ली हवाई अड्डे पर समर्पित ट्रांसशिपमेंट सेंटर स्थापित करने की इस पहल का हवाई कार्गो से जुड़े सभी पक्षों जैसे विमानन कंपनियों, फ्रेट फॉरवर्डरों, कार्गो संभालने वाले परिचालकों एवं लॉजिस्टिक्स उद्योग ने सराहना की है।
डायल के एक प्रवक्ता ने कहाः “भारत में हवाई कार्गो केंद्र बनाने की नागर विमानन मंत्रालय की कल्पना को साकार करने में हिस्सेदार बनकर हमें खुशी हो रही है। टीईसी से ट्रांसशिपमेंट कार्गो की सुरक्षित रास्ते से प्रभावी आवाजाही को ही गति नहीं मिलेगी बल्कि आईजीआई हवाई अड्डे को इस क्षेत्र में हवाई कार्गो का अड्डा और दुनिया के हवाई कार्गो द्वार के रूप में आगे बढ़ाने में भी यह बहुत योगदान करेगा।”
दिल्ली हवाई अड्डे के कार्गो केंद्र में सभी प्रकार के कार्गो जैसे दवा, खराब होने वाली सासमग्री, प्रोजेक्ट कार्गो, ई-कॉमर्स, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, पशु, रत्नाभूषण आदि को संभालने के लिए सर्वसुविधा संपन्न कार्गो टर्मिनल हैं। दिल्ली हवाई अड्डे पर भारत की सबसे बड़ी ऑन-एयरपोर्ट जीडीपी सर्टिफाइड तापमान नियंत्रण प्रणाली भी उपलब्ध है, जहां कुशल एवं प्रशिक्षत कर्मचारी हर वर्ष 15 लाख टन से अधिक कार्गो संभालते हैं और गुणवत्ता, सुरक्षा तथा संरक्षा के उच्चतम मानक भी सुनिश्चित करते हैं।
दिल्ली हवाई अड्डा भारत का इकलौता हवाई अड्डा है, जहां टर्मिनल से विमान एवं विमान से टर्मिनल तक कार्गो ले जाते समय सभी प्रकार के फार्मा उत्पादों के लिए -20 डिग्री से +25 डिग्री के बीच तापमान वाली अटूट कूल चेन सुनिश्चित करने के लिए कूल डॉलीज सुविधा मौजूद है।
मध्य प्रदेश में दवा उद्योग का सालाना 150 करोड़ डॉलर से अधिक का कारोबार है और देश में सबसे अधिक फार्मा इकाइयां इसी राज्य में हैं। मध्य प्रदेश में भारत की सबसे बड़ी 350 फार्मा इकाइयां स्थित हैं, जिनमें से 160 फॉर्म्यूलेशन बनाती हैं। इंदौर में सबसे बड़ी दवा निर्माताओं जैसे सन फार्मा, ल्यूपिन, पीरामल, ग्लेनमार्क, सिप्ला, इप्का आदि के कारखाने हैं, जिनकी इंदौर क्षेत्र में व्यापक उपस्थिति है। इंदौर में थोक और खुदरा बाजार के लिए भारत का सबसे बड़ा दवा कारोबार केंद्र ‘दवा बाजार’भी है।
यह अच्छा मौका है, जब इंदौर का फार्मा उद्योग दिल्ली हवाई अड्डे पर उपलब्ध कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं का लाभ उठाते हुए वैश्विक बाजार में मजबूती से कदम रख सकता है। दिल्ली हवाई अड्डा भारत की विमानन कंपनियों एवं मालवाहक विमानों को दुनिया में सबसे अधिक 144 स्थानों से जोड़ता है। इसीलिए इंदौर के फार्मा निर्यात के लिए यह अनूठा ‘दरवाजा’ बन सकता है।

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