नई दिल्ली। कोरोना वायरस से दुनिया जंग लड़ रही है। ऐसे में जापान चीन में स्थापित अपनी कंपनियों को शिफ्ट करने की तैयारी करने का विचार कर रहा है। जापान इस बात पर विचार कर रहा है कि उसकी कंपनियां अपना ऑपरेशन चीन से बाहर करें। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। जापानी सरकार ने आर्थिक राहत पैकेज में इसके लिए 2.2 अरब डॉलर (करीब 16,786 करोड़ रुपये) निर्धारित किया है। जापान अपनी कंपनियों को चीन के बाजार से बाहर ऑपरेशन शुरू करने के लिए यह रकम खर्च करेगा। दरअसल, जापान चाहता है कि उसकी कंपनियां अपना मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चीन के बाहर ले जाएं।

फरवरी में 50 फीसदी लुढ़का दोनों देशों का ट्रेड
जापान में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शिफ्ट करने के लिए इन कंपनियों पर कुल 2 अरब डॉलर (करीब 15,260 करोड़ रुपये) खर्च किया जाएगा। वहीं, अगर कोई कंपनी चीन से बाहर निकलना चाहती है लेकिन वह जापान न जाकर किसी अन्य देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाती है तो जापानी सरकार इसके लिए कुल 23.5 अरब येन खर्च करेगी। सामान्य परिस्थितियों में जापान के लिए चीन सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से फरवरी में चीन से होने वाले आयात में 50 फीसदी तक की गिरावट आई है।

चीन से बाहर निकलना चाहती है जापानी कंपनियां
जापान रिसर्च इंस्टीट्यूट के अर्थशास्त्री शिनिची सेकी ने कहा है कि आने वाले दिनों में जापानी कंपनियां चीन से शिफ्ट करेंगी। इसके पहले ही जापानी कंपनियां चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के प्रयास में लगी थी। पहले भी जापानी फर्म्स चीनी से अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शिफ्ट करना चाहती थी। ऐसे में सरकार की तरफ से यह मदद मिलना उनके लिए बेहतर मौका है।

दक्षिण एशियाई देशों में भी शिफ्ट होंगी ये कंपनियां
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चीनी घरेलू मार्केट के लिए उत्पादन करने वाली कार मेकर्स व अन्य कंपनियों के चीन में बनी रहेंगी। पिछले महीने की फ्यूचर इन्वेस्टमेंट को लेकर जापानी सरकार के एक पैनल ने इस बार विचार किया था कि उच्च वैल्यू वाले प्रोडक्शन को जापान में वापस शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, अन्य वस्तुओं के प्रोडक्शन को अन्य दक्षिण एशियाई देशों में शिफ्ट किया जाएगा।

37 फीसदी कंपनियां तैयार
एक रिसर्च के मुताबिक, चीन में काम करने वाली कुल 2,600 जापानी कंपनियों में 37 फीसदी ने कहा था कि वो चीन के बाहर निकलना चाहती हैं। हालांकि, जापाना के इस कदम से प्रधानमंत्री शिंजो आबे और चीन के बीच बढ़ने वाले प्रगाढ़ संबंध पर भी असर डाल सकता है। इस महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग जापान का दौरा करने वाले थे। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से यह दौरा कैंसिल कर दिया गया।

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