Air India will start flying to San Francisco from the national capital over the Polar region from August 15. With the new route, the flight duration would reduce by around one-and-a-half hours from 14.5 hours to 13 hours and fuel savings would be in the range of 2,000 to 7,000 kilograms per flight, according to an Air India spokesperson.

नई दिल्ली : एयर इंडिया 15 अगस्त से दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को फ्लाइट नए रूट पर शुरू करने जा रही है। एयर इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक- इससे यात्रा में लगने वाला समय 1 से डेढ़ घंटा कम हो जाएगा। हर फ्लाइट में 2 से 7 हजार किलोग्राम ईंधन की बचत होगी।प्रवक्ता ने बताया- पहले इस सफर को पूरा करने में 14.5 घंटे का समय लगता था। नए रूट से यह सफर केवल 13 घंटे में पूरा हो जाएगा। एयर इंडिया हर दिन दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए फ्लाइट संचालित करती है। फिलहाल भारत और नॉर्थ अमेरिका की ओर जाने वाली फ्लाइट्स अटलांटिक और पेसिफिक रूट से होकर गुजरती है।
एयरलाइन ने कहा- भारत और नॉर्थ अमेरिका के बीच मौजूद इस मार्ग का इस्तेमाल अभी तक नहीं हो पाया था। नॉर्थ पोलर रीजन के उपयोग से कॉमर्शियल एयर ऑपरेशन में भी फायदा मिलेगा। पर्यावरण में कम से कम कार्बन उत्सर्जन होगा। पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा।उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को पहली फ्लाइट पोलर रीजन के ऊपर से उड़ान भरेगी। इसे कैप्टन रजनीश शर्मा और कैप्टन दिग्विजय सिंह उड़ाएंगे। बोइंग 777 में पहली बार में 300 यात्री सफर करेंगे। यात्रियों का समय बचेगा जबकि एयरलाइन का ईंधन।


एयर इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि पोलर रूट पर सर्विस शुरू करना एक शानदार मौका है, लेकिन यह उतना ही चुनौतियों ने भरा हुआ भी है। अधिकारियों का कहना है कि फ्लाइट सर्विस के ध्रुवीय रूट का इस्तेमाल निश्चित ही फायदेमंद साबित होगा। पोलर रीजन पर उड़ान भरने के लिए सुरक्षा के खास इंतजाम किए जाएंगे. इस रूट के लिए DGCA और FAA से मंजूरी ली गई है। ध्रुवीय रीजन पर उड़ान भरने वाले पायलट को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। मौसम पर नजर रखने के लिए विमान में खास मशीन लगाई गई हैं। इमरजेंसी में रूट डायवर्जन होने पर एयर इंडिया ने एक बड़ी डायवर्जन सपोर्ट एजेंसी को तैनात किया है।

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